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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3886

नंबर 3886किताब 29, नंबर 32
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مُعَاوِيَةُ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَوْفِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كُنَّا نَرْقِي فِي الْجَاهِلِيَّةِ فَقُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ تَرَى فِي ذَلِكَ فَقَالَ ‏ "‏ اعْرِضُوا عَلَىَّ رُقَاكُمْ لاَ بَأْسَ بِالرُّقَى مَا لَمْ تَكُنْ شِرْكًا ‏"‏ ‏.‏
‘Awf b. Malik said :In the pre-Islamic period we used to apply spells and we asked: Messenger of Allah ! how do you look upon it ? He replied : Submit your spells to me. There is no harm in spells so long as they involve no polytheism
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2200)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Medicine (Kitab Al-Tibb)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।