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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3865

नंबर 3865किताब 29, नंबर 11
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، قَالَ نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْكَىِّ فَاكْتَوَيْنَا فَمَا أَفْلَحْنَ وَلاَ أَنْجَحْنَ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ وَكَانَ يَسْمَعُ تَسْلِيمَ الْمَلاَئِكَةِ فَلَمَّا اكْتَوَى انْقَطَعَ عَنْهُ فَلَمَّا تَرَكَ رَجَعَ إِلَيْهِ ‏.‏
Narrated Imran ibn Husayn: The Prophet (ﷺ) forbade to cauterise; we cauterised but they (cauterisation) did not benefit us, nor proved useful for us. Abu Dawud said: He used to hear the salutation of the angels: When he cauterized, it stopped. When he abandoned, it returned to him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Medicine (Kitab Al-Tibb)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।