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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3851

नंबर 3851किताब 28, नंबर 116
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي سَعِيدُ بْنُ أَبِي أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي عَقِيلٍ الْقُرَشِيِّ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيِّ، عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الأَنْصَارِيِّ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا أَكَلَ أَوْ شَرِبَ قَالَ ‏ "‏ الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَ وَسَقَى وَسَوَّغَهُ وَجَعَلَ لَهُ مَخْرَجًا ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuAyyub al-Ansari: When the Messenger of Allah (ﷺ) ate or drank, he said: "Praise be to Allah Who has given food and drink and made it easy to swallow, and provided an exit for it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Foods (Kitab Al-At'imah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।