सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3830

नंबर 3830किताब 28, नंबर 95
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ أَبِي يَحْيَى، عَنْ يَزِيدَ الأَعْوَرِ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَلاَمٍ، قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَخَذَ كِسْرَةً مِنْ خُبْزِ شَعِيرٍ فَوَضَعَ عَلَيْهَا تَمْرَةً وَقَالَ ‏ "‏ هَذِهِ إِدَامُ هَذِهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Yusuf ibn Abdullah ibn Salam: I saw that the Prophet (ﷺ) took a piece of bread of barley and put a date on it and said: This is the condiment of this
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Foods (Kitab Al-At'imah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।