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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3801

नंबर 3801किताब 28, नंबर 66
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْخُزَاعِيُّ، حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُبَيْدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي عَمَّارٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الضَّبُعِ فَقَالَ ‏ "‏ هُوَ صَيْدٌ وَيُجْعَلُ فِيهِ كَبْشٌ إِذَا صَادَهُ الْمُحْرِمُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: I asked the Messenger of Allah (ﷺ) about the hyena. He replied: It is game, and if one who is wearing ihram (pilgrim's robe) hunts it, he should give a sheep as atonement
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Foods (Kitab Al-At'imah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।