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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3781

नंबर 3781किताब 28, नंबर 46
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يُعْجِبُهُ الذِّرَاعُ ‏.‏ قَالَ وَسُمَّ فِي الذِّرَاعِ وَكَانَ يَرَى أَنَّ الْيَهُودَ هُمْ سَمُّوهُ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Mas'ud: The tradition mentioned above (No. 3771) has also been narrated by Ibn Mas'ud with a different chain of narrators. This version has: The Prophet (ﷺ) liked the foreleg (of a sheep). Once the foreleg was poisoned, and he thought that the Jews had poisoned it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Foods (Kitab Al-At'imah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।