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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3675

नंबर 3675किताब 27, नंबर 7
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنِ السُّدِّيِّ، عَنْ أَبِي هُبَيْرَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ أَبَا طَلْحَةَ، سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَنْ أَيْتَامٍ وَرِثُوا خَمْرًا قَالَ ‏"‏ أَهْرِقْهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَفَلاَ أَجْعَلُهَا خَلاًّ قَالَ ‏"‏ لاَ ‏"‏ ‏.‏
Anas b. Malik said :Abu Talhah asked the prophet (ﷺ) about the orphans who had inherited wine. He replied: Pour it out. He asked: May I not make vinegar of it ? He replied : No
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (1983)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Drinks (Kitab Al-Ashribah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।