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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3665

नंबर 3665किताब 26, नंबर 25
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا أَبُو مُسْهِرٍ، حَدَّثَنِي عَبَّادُ بْنُ عَبَّادٍ الْخَوَّاصُ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي عَمْرٍو السَّيْبَانِيِّ، عَنْ عَمْرِو بْنِ عَبْدِ اللَّهِ السَّيْبَانِيِّ، عَنْ عَوْفِ بْنِ مَالِكٍ الأَشْجَعِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يَقُصُّ إِلاَّ أَمِيرٌ أَوْ مَأْمُورٌ أَوْ مُخْتَالٌ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Awf ibn Malik al-Ashja'i: I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: Only a ruler, or one put in charge, or one who is presumptuous, gives instructions
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Knowledge (Kitab Al-Ilm)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।