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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3663

नंबर 3663किताब 26, नंबर 23
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُعَاذٌ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي حَسَّانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ كَانَ نَبِيُّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُحَدِّثُنَا عَنْ بَنِي إِسْرَائِيلَ حَتَّى يُصْبِحَ مَا يَقُومُ إِلاَّ إِلَى عُظْمِ صَلاَةٍ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: The Prophet (ﷺ) used to relate to us traditions from the children of Isra'il till morning came; he would not get up except for obligatory prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Knowledge (Kitab Al-Ilm)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।