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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3643

नंबर 3643किताब 26, नंबर 3
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا زَائِدَةُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَا مِنْ رَجُلٍ يَسْلُكُ طَرِيقًا يَطْلُبُ فِيهِ عِلْمًا إِلاَّ سَهَّلَ اللَّهُ لَهُ بِهِ طَرِيقَ الْجَنَّةِ وَمَنْ أَبْطَأَ بِهِ عَمَلُهُ لَمْ يُسْرِعْ بِهِ نَسَبُهُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported the Prophet (ﷺ) as saying:If anyone pursues a path in search of knowledge, Allah will thereby make easy for him a path to paradise; and he who is made slow by his actions will not be speeded by his genealogy
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Knowledge (Kitab Al-Ilm)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।