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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3629

नंबर 3629किताब 25, नंबर 59
حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ أَسَدٍ، حَدَّثَنَا النَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ، أَخْبَرَنَا هِرْمَاسُ بْنُ حَبِيبٍ، - رَجُلٌ مِنْ أَهْلِ الْبَادِيَةِ - عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ أَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم بِغَرِيمٍ لِي فَقَالَ لِي ‏"‏ الْزَمْهُ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ قَالَ لِي ‏"‏ يَا أَخَا بَنِي تَمِيمٍ مَا تُرِيدُ أَنْ تَفْعَلَ بِأَسِيرِكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Grandfather of Hirmas ibn Habib: I brought my debtor to the Holy Prophet (ﷺ). He said to me: Stick to him. He again said to me: O brother of Banu Tamim, what do you want to do with your prisoner
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Office of the Judge (Kitab Al-Aqdiyah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।