सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3624

नंबर 3624किताब 25, नंबर 54
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ فَارِسٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، حَدَّثَنَا رَجُلٌ، مِنْ مُزَيْنَةَ - وَنَحْنُ عِنْدَ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ - عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَعْنِي لِلْيَهُودِ ‏ "‏ أَنْشُدُكُمْ بِاللَّهِ الَّذِي أَنْزَلَ التَّوْرَاةَ عَلَى مُوسَى مَا تَجِدُونَ فِي التَّوْرَاةِ عَلَى مَنْ زَنَى ‏"‏ ‏.‏ وَسَاقَ الْحَدِيثَ فِي قِصَّةِ الرَّجْمِ ‏.‏
Abu Hurairah said:The holy Prophet (ﷺ) said to the Jew : I adjure you by Allah Who sent down the Torah to Moses ! do you not find in the Torah(a rule about a man) who commits adultery. He then narrated the rest of the tradition relating to the stoning
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Office of the Judge (Kitab Al-Aqdiyah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।