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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3619

नंबर 3619किताब 25, नंबर 49
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ الْقَعْنَبِيُّ، حَدَّثَنَا نَافِعُ بْنُ عُمَرَ، عَنِ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ، قَالَ كَتَبَ إِلَىَّ ابْنُ عَبَّاسٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَضَى بِالْيَمِينِ عَلَى الْمُدَّعَى عَلَيْهِ ‏.‏
Ibn Abi Mulaikah said:Ibn ‘Abbas wrote to me that the Messenger of Allah (ﷺ)had defendant should take an oath
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (2514، 1711)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Office of the Judge (Kitab Al-Aqdiyah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।