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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3598

नंबर 3598किताब 25, नंबर 28
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحُسَيْنِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا عَاصِمُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ زَيْدٍ الْعُمَرِيُّ، حَدَّثَنِي الْمُثَنَّى بْنُ يَزِيدَ، عَنْ مَطَرٍ الْوَرَّاقِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَاهُ قَالَ ‏ "‏ وَمَنْ أَعَانَ عَلَى خُصُومَةٍ بِظُلْمٍ فَقَدْ بَاءَ بِغَضَبٍ مِنَ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ ‏"‏ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Ibn 'Umar from the Prophet (ﷺ) through different chain of narrators to the same effect. In this version he also said:"He who assits in a dispute unjustly deserves the anger of Allah, Most High
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Office of the Judge (Kitab Al-Aqdiyah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।