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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3572

नंबर 3572किताब 25, नंबर 2
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، أَخْبَرَنَا بِشْرُ بْنُ عُمَرَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ مُحَمَّدٍ الأَخْنَسِيِّ، عَنِ الْمَقْبُرِيِّ، وَالأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ جُعِلَ قَاضِيًا بَيْنَ النَّاسِ فَقَدْ ذُبِحَ بِغَيْرِ سِكِّينٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Hurayrah: The Prophet (ﷺ) said: He who has been appointed a judge among the people has been killed without a knife
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Office of the Judge (Kitab Al-Aqdiyah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।