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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3541

नंबर 3541किताब 24, नंबर 126
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ عُمَرَ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي جَعْفَرٍ، عَنْ خَالِدِ بْنِ أَبِي عِمْرَانَ، عَنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ شَفَعَ لأَخِيهِ بِشَفَاعَةٍ فَأَهْدَى لَهُ هَدِيَّةً عَلَيْهَا فَقَبِلَهَا فَقَدْ أَتَى بَابًا عَظِيمًا مِنْ أَبْوَابِ الرِّبَا ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuUmamah: The Prophet (ﷺ) said: If anyone intercedes for his brother and he presents a gift to him for it and he accepts it, he approaches a great door of the doors of usury
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।