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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3537

नंबर 3537किताब 24, नंबर 122
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو الرَّازِيُّ، حَدَّثَنَا سَلَمَةُ، - يَعْنِي ابْنَ الْفَضْلِ - حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ وَايْمُ اللَّهِ لاَ أَقْبَلُ بَعْدَ يَوْمِي هَذَا مِنْ أَحَدٍ هَدِيَّةً إِلاَّ أَنْ يَكُونَ مُهَاجِرًا قُرَشِيًّا أَوْ أَنْصَارِيًّا أَوْ دَوْسِيًّا أَوْ ثَقَفِيًّا ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: I swear by Allah, I shall not accept gift from anyone after this day except from an immigrant Qarashi, an Ansari a Dawsi or a Thaqafi
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।