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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3535

नंबर 3535किताब 24, नंबर 120
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، وَأَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالاَ حَدَّثَنَا طَلْقُ بْنُ غَنَّامٍ، عَنْ شَرِيكٍ، - قَالَ ابْنُ الْعَلاَءِ وَقَيْسٍ - عَنْ أَبِي حُصَيْنٍ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَدِّ الأَمَانَةَ إِلَى مَنِ ائْتَمَنَكَ وَلاَ تَخُنْ مَنْ خَانَكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: Pay the deposit to him who deposited it with you, and do not betray him who betrayed you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।