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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3531

नंबर 3531किताब 24, नंबर 116
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ مُوسَى بْنِ السَّائِبِ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدُبٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ وَجَدَ عَيْنَ مَالِهِ عِنْدَ رَجُلٍ فَهُوَ أَحَقُّ بِهِ وَيَتَّبِعُ الْبَيِّعُ مَنْ بَاعَهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Samurah ibn Jundub: The Prophet (ﷺ) said: If anyone finds his very property with a man, he is more entitled to it (than anyone else), and the buyer should pursue the one who sold it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।