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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3515

नंबर 3515किताब 24, नंबर 100
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ فَارِسٍ، حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ الرَّبِيعِ، حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، أَوْ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، أَوْ عَنْهُمَا جَمِيعًا عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا قُسِّمَتِ الأَرْضُ وَحُدَّتْ فَلاَ شُفْعَةَ فِيهَا ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: When land has been divided and boundaries have been set up, there is no right of pre-emption in it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।