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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3503

नंबर 3503किताब 24, नंबर 88
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ مَاهَكَ، عَنْ حَكِيمِ بْنِ حِزَامٍ، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ يَأْتِينِي الرَّجُلُ فَيُرِيدُ مِنِّي الْبَيْعَ لَيْسَ عِنْدِي أَفَأَبْتَاعُهُ لَهُ مِنَ السُّوقِ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ تَبِعْ مَا لَيْسَ عِنْدَكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Hakim ibn Hizam: Hakim asked (the Prophet): Messenger of Allah, a man comes to me and wants me to sell him something which is not in my possession. Should I buy it for him from the market? He replied: Do not sell what you do not possess
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।