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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3495

नंबर 3495किताब 24, नंबर 80
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنَا عَمْرٌو، عَنِ الْمُنْذِرِ بْنِ عُبَيْدٍ الْمَدِينِيِّ، أَنَّ الْقَاسِمَ بْنَ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ حَدَّثَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى أَنْ يَبِيعَ أَحَدٌ طَعَامًا اشْتَرَاهُ بِكَيْلٍ حَتَّى يَسْتَوْفِيَهُ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Umar: The Messenger of Allah (ﷺ) forbade to sell grain which one buys by measurement until one receives it in full
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।