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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3493

नंबर 3493किताब 24, नंबर 78
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ قَالَ كُنَّا فِي زَمَنِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَبْتَاعُ الطَّعَامَ فَيَبْعَثُ عَلَيْنَا مَنْ يَأْمُرُنَا بِانْتِقَالِهِ مِنَ الْمَكَانِ الَّذِي ابْتَعْنَاهُ فِيهِ إِلَى مَكَانٍ سِوَاهُ قَبْلَ أَنْ نَبِيعَهُ - يَعْنِي - جُزَافًا ‏.‏
Narrated Ibn 'Umar: During the time of Messenger of Allah (ﷺ) we used to buy grain, and he sent a man to us who ordered us to move it from the spot where we had bought it to some other place, before we sold it without weighing or measuring it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (1527)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।