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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3490

नंबर 3490किताब 24, नंबर 75
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَبِي الضُّحَى، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لَمَّا نَزَلَتِ الآيَاتُ الأَوَاخِرُ مِنْ سُورَةِ الْبَقَرَةِ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَرَأَهُنَّ عَلَيْنَا وَقَالَ ‏ "‏ حُرِّمَتِ التِّجَارَةُ فِي الْخَمْرِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated 'Aishah:When the last verses of Surat al-Baqarah were revealed, the Messenger of Allah (ﷺ) came out and recited them to us and siad: Trading in wine has been forbidden
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih HadithAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (2226) Sahih Muslim (1580)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।