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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3482

नंबर 3482किताब 24, नंबर 67
حَدَّثَنَا الرَّبِيعُ بْنُ نَافِعٍ أَبُو تَوْبَةَ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، - يَعْنِي ابْنَ عَمْرٍو - عَنْ عَبْدِ الْكَرِيمِ، عَنْ قَيْسِ بْنِ حَبْتَرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ ثَمَنِ الْكَلْبِ وَإِنْ جَاءَ يَطْلُبُ ثَمَنَ الْكَلْبِ فَامْلأْ كَفَّهُ تُرَابًا ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Messenger of Allah (ﷺ) forbade the price paid for a dog; if someone comes to ask for the price of a dog, fill his hand-palm with dust
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।