सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3431

नंबर 3431किताब 24, नंबर 16
حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا سَلَمَةُ بْنُ الْفَضْلِ، حَدَّثَنَا ابْنُ إِسْحَاقَ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُرَقِيُّ، عَنِ ابْنِ مَاجِدَةَ السَّهْمِيِّ، عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ ‏.‏
A similar tradition has also been transmitted by Abu Majidah al-Sahmi from 'Umar b. al-Khattab through a different chain of narrators
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।