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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3414

नंबर 3414किताब 23, नंबर 89
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي خَلَفٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَابِقٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ طَهْمَانَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّهُ قَالَ أَفَاءَ اللَّهُ عَلَى رَسُولِهِ خَيْبَرَ فَأَقَرَّهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَمَا كَانُوا وَجَعَلَهَا بَيْنَهُ وَبَيْنَهُمْ فَبَعَثَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ رَوَاحَةَ فَخَرَصَهَا عَلَيْهِمْ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: When Allah bestowed Khaybar on His Prophet (ﷺ) as fay' (as a result of conquest without fighting), the Messenger of Allah (ﷺ) allowed (them) to remain there as they were before, and apportioned it between him and them. He then sent Abdullah ibn Rawahah who assessed (the amount of dates) upon them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Commercial Transactions (Kitab Al-Buyu)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।