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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3411

नंबर 3411किताब 23, नंबर 86
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَهْلٍ الرَّمْلِيُّ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ أَبِي الزَّرْقَاءِ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ بُرْقَانَ، بِإِسْنَادِهِ وَمَعْنَاهُ قَالَ فَحَزَرَ وَقَالَ عِنْدَ قَوْلِهِ وَكُلَّ صَفْرَاءَ وَبَيْضَاءَ يَعْنِي الذَّهَبَ وَالْفِضَّةَ لَهُ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been narrated by Ja'far b. Burqan through his chain and to the same effect. This version has:He said: He assessed, and after the words of kull safara' wa baida', he said: that is, gold and silver will belong to him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Commercial Transactions (Kitab Al-Buyu)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।