सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3405

नंबर 3405किताब 23, नंबर 80
حَدَّثَنَا أَبُو حَفْصٍ، عُمَرُ بْنُ يَزِيدَ السَّيَّارِيُّ حَدَّثَنَا عَبَّادُ بْنُ الْعَوَّامِ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ حُسَيْنٍ، عَنْ يُونُسَ بْنِ عُبَيْدٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْمُزَابَنَةِ وَالْمُحَاقَلَةِ وَعَنِ الثُّنْيَا إِلاَّ أَنْ يُعْلَمَ ‏.‏
Narrated Jabir b. 'Abd Allah :The Messenger of Allah (ﷺ) forbade muzabanah, muhaqalah and thunya except it is known
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Commercial Transactions (Kitab Al-Buyu)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।