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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3403

नंबर 3403किताब 23, नंबर 78
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ رَافِعِ بْنِ خَدِيجٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ زَرَعَ فِي أَرْضِ قَوْمٍ بِغَيْرِ إِذْنِهِمْ فَلَيْسَ لَهُ مِنَ الزَّرْعِ شَىْءٌ وَلَهُ نَفَقَتُهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Rafi' ibn Khadij: The Prophet (ﷺ) said: If anyone sows in other people's land without their permission, he has no right to any of the crop, but he may have what it cost him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Commercial Transactions (Kitab Al-Buyu)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।