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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3379

नंबर 3379किताब 23, नंबर 54
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا عَنْبَسَةُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَامِرُ بْنُ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ، أَنَّ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَى حَدِيثِ سُفْيَانَ وَعَبْدِ الرَّزَّاقِ جَمِيعًا ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Abu Said al-Khudri through a different chain of narrators from the Messenger of Allah (ﷺ) to the same effect as narrated by both Sufyan and 'Abd al-Razzaq
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (5820) Sahih Muslim (1512)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Commercial Transactions (Kitab Al-Buyu)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।