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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3338

नंबर 3338किताब 23, नंबर 13
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي رِزْمَةَ، سَمِعْتُ أَبِي يَقُولُ، قَالَ رَجُلٌ لِشُعْبَةَ خَالَفَكَ سُفْيَانُ ‏.‏ قَالَ دَمَغْتَنِي ‏.‏ وَبَلَغَنِي عَنْ يَحْيَى بْنِ مَعِينٍ قَالَ كُلُّ مَنْ خَالَفَ سُفْيَانَ فَالْقَوْلُ قَوْلُ سُفْيَانَ ‏.‏
Narrated Ibn Abi Rizmah:I heard my father say: A man said to Shu'bah: Sufyan opposed you (i.e. narrated a tradition which differs from your version). He replied: You racked my mind. I have been told that Yahya b. Ma'in said: If anyone opposes Sufyan, the version of Sufyan will be acceptable
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Commercial Transactions (Kitab Al-Buyu)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।