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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3318

नंबर 3318किताब 22, नंबर 77
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ كَعْبِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ قَالَ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حِينَ تِيبَ عَلَيْهِ ‏:‏ إِنِّي أَنْخَلِعُ مِنْ مَالِي ‏.‏ فَذَكَرَ نَحْوَهُ إِلَى ‏:‏ ‏ "‏ خَيْرٌ لَكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Ka'b bin Malik:To the Messenger of Allah (ﷺ) when his repentance was accepted: I should divest myself of my property. He then mentioned a similar tradition up to the words, "better for you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।