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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3307

नंबर 3307किताब 22, नंबर 66
حَدَّثَنَا الْقَعْنَبِيُّ، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، ‏:‏ أَنَّ سَعْدَ بْنَ عُبَادَةَ، اسْتَفْتَى رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏:‏ إِنَّ أُمِّي مَاتَتْ وَعَلَيْهَا نَذْرٌ لَمْ تَقْضِهِ ‏.‏ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اقْضِهِ عَنْهَا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:Sa'd b. 'Ubadah asked the Messenger of Allah (ﷺ): My Mother has died and she could not fulfill her vow which she had taken. The Messenger of Allah (ﷺ) said: Fulfill it on her behalf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (2761) Sahih Muslim (1638)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।