सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3296

नंबर 3296किताब 22, नंबर 55
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، ‏:‏ أَنَّ أُخْتَ، عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ نَذَرَتْ أَنْ تَمْشِيَ، إِلَى الْبَيْتِ، فَأَمَرَهَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ تَرْكَبَ وَتُهْدِيَ هَدْيًا ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:That the sister of 'Uqbah b. 'Amir took vow to walk on foot to the Ka'bah. Thereupon the Prophet (ﷺ) ordered her to ride and slaughter a sacrificial animal
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।