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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3294

नंबर 3294किताब 22, नंबर 53
حَدَّثَنَا مَخْلَدُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ كَتَبَ إِلَىَّ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ أَخْبَرَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ زَحْرٍ، مَوْلَى لِبَنِي ضَمْرَةَ - وَكَانَ أَيَّمَا رَجُلٍ - أَنَّ أَبَا سَعِيدٍ الرُّعَيْنِيَّ أَخْبَرَهُ بِإِسْنَادِ يَحْيَى وَمَعْنَاهُ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Abu Sa'id al-Ru'aini with the same chain as narrated by Yahya (b. Sa'id) and to the same effect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।