सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3280

नंबर 3280किताब 22, नंबर 39
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ خَلاَّدٍ أَبُو عُمَرَ، قَالَ ‏:‏ كَانَ عِنْدَنَا مَكُّوكٌ يُقَالُ لَهُ مَكُّوكُ خَالِدٍ وَكَانَ كَيْلَجَتَيْنِ بِكَيْلَجَةِ هَارُونَ، قَالَ مُحَمَّدٌ ‏:‏ صَاعُ خَالِدٍ صَاعُ هِشَامٍ يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الْمَلِكِ ‏.‏
Narrated Muhammad b. Muhmmad b. Khattab Abu 'Umar :We had a makkuk which was called Makkuk Khalid. Its capacity was two measurements according to the measurements of Harun. The narrator said: The sa' of Khalid was the sa' of Hisham b. 'Abd al-Malik
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MaqtuAl-Albani
  • Sahih MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।