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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3271

नंबर 3271किताब 22, नंबर 30
حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا سَالِمُ بْنُ نُوحٍ، وَعَبْدُ الأَعْلَى، عَنِ الْجُرَيْرِيِّ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، بِهَذَا الْحَدِيثِ نَحْوَهُ زَادَ عَنْ سَالِمٍ، فِي حَدِيثِهِ قَالَ ‏:‏ وَلَمْ يَبْلُغْنِي كَفَّارَةً ‏.‏
A similar tradition has also been transmitted by 'Abd al-Rahman b. Abi Bakr through a different chain of narrators. This version adds on the authority of Salim:"Expiation (for breaking the oath) has not reached me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2057)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।