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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3269

नंबर 3269किताब 22, नंबर 28
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ فَارِسٍ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ كَثِيرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا الْحَدِيثِ لَمْ يَذْكُرِ الْقَسَمَ، زَادَ فِيهِ وَلَمْ يُخْبِرْهُ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Ibn 'Abbas through a different chain of narrators. In this version there is no mention of the word qasam (oath). It has the words:"He did not inform him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2269)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।