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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3258

नंबर 3258किताब 22, नंबर 17
حَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ، حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ، - يَعْنِي ابْنَ وَاقِدٍ - حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُرَيْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏:‏ ‏ "‏ مَنْ حَلَفَ فَقَالَ إِنِّي بَرِيءٌ مِنَ الإِسْلاَمِ فَإِنْ كَانَ كَاذِبًا فَهُوَ كَمَا قَالَ، وَإِنْ كَانَ صَادِقًا فَلَنْ يَرْجِعَ إِلَى الإِسْلاَمِ سَالِمًا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Buraydah ibn al-Hasib: The Prophet (ﷺ) said: If anyone takes an oath and says: I am free from Islam; now if he is a liar (in his oath), he will not return to Islam with soundness
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।