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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3252

नंबर 3252किताब 22, नंबर 11
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ الْعَتَكِيُّ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ الْمَدَنِيُّ، عَنْ أَبِي سُهَيْلٍ، نَافِعِ بْنِ مَالِكِ بْنِ أَبِي عَامِرٍ عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ سَمِعَ طَلْحَةَ بْنَ عُبَيْدِ اللَّهِ يَعْنِي فِي، حَدِيثِ قِصَّةِ الأَعْرَابِيِّ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَفْلَحَ وَأَبِيهِ إِنْ صَدَقَ دَخَلَ الْجَنَّةَ وَأَبِيهِ إِنْ صَدَقَ ‏"‏ ‏.‏
Referring to the story of a bedouin, Talhah b. 'Ubaid Allah reported the Prophet (ﷺ) as saying:He became successful, by his father, if he speaks the truth, he will enter paradise, by his father, if he speaks truth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • ShadhMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।