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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3242

नंबर 3242किताब 22, नंबर 1
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ الْبَزَّازُ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ حَلَفَ عَلَى يَمِينٍ مَصْبُورَةٍ كَاذِبًا فَلْيَتَبَوَّأْ بِوَجْهِهِ مَقْعَدَهُ مِنَ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Imran ibn Husayn: The Prophet (ﷺ) said: If anyone swears a false oath in confinement, he should make his seat in Hell on account of his (act)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।