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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3232

नंबर 3232किताब 21, नंबर 144
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ يَزِيدَ أَبِي مَسْلَمَةَ، عَنْ أَبِي نَضْرَةَ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ دُفِنَ مَعَ أَبِي رَجُلٌ فَكَانَ فِي نَفْسِي مِنْ ذَلِكَ حَاجَةٌ فَأَخْرَجْتُهُ بَعْدَ سِتَّةِ أَشْهُرٍ فَمَا أَنْكَرْتُ مِنْهُ شَيْئًا إِلاَّ شُعَيْرَاتٍ كُنَّ فِي لِحْيَتِهِ مِمَّا يَلِي الأَرْضَ ‏.‏
Narrated Jabir:A man was buried with my father. I had a desire at heart for that (place for my burial). So I took him out after six months. I did not find any change (in his body) except a few hair that touched the earth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।