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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3229

नंबर 3229किताब 21, नंबर 141
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى الرَّازِيُّ، أَخْبَرَنَا عِيسَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، - يَعْنِي ابْنَ يَزِيدَ بْنِ جَابِرٍ - عَنْ بُسْرِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، قَالَ سَمِعْتُ وَاثِلَةَ بْنَ الأَسْقَعِ، يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا مَرْثَدٍ الْغَنَوِيَّ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَجْلِسُوا عَلَى الْقُبُورِ وَلاَ تُصَلُّوا إِلَيْهَا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Marthad al-Ghanawi :The Messenger of Allah (ﷺ) as saying: Do not sit on the graves, and do not pray facing them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (972)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।