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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3190

नंबर 3190किताब 21, नंबर 102
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، عَنِ الضَّحَّاكِ، - يَعْنِي ابْنَ عُثْمَانَ - عَنْ أَبِي النَّضْرِ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ وَاللَّهِ لَقَدْ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَى ابْنَىْ بَيْضَاءَ فِي الْمَسْجِدِ سُهَيْلٍ وَأَخِيهِ ‏.‏
Narrated 'Aishah:I swear by Allah, the Messenger of Allah (ﷺ) prayed in the mosque over the two sons of al-Baida': Suhail and his brother
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (973)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।