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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3178

नंबर 3178किताब 21, नंबर 90
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سِمَاكٍ، سَمِعَ جَابِرَ بْنَ سَمُرَةَ، قَالَ صَلَّى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَلَى ابْنِ الدَّحْدَاحِ وَنَحْنُ شُهُودٌ ثُمَّ أُتِيَ بِفَرَسٍ فَعُقِلَ حَتَّى رَكِبَهُ فَجَعَلَ يَتَوَقَّصُ بِهِ وَنَحْنُ نَسْعَى حَوْلَهُ ‏.‏
Narrated Jabir b. Samurah:The Prophet (ﷺ) offered funeral prayer over Ibn al-Dahdah while we were present. He was then brought a horse, and it was tied until he rode it. It then began to gallop and we were running around it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (965)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।