सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3171

नंबर 3171किताब 21, नंबर 83
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَرْبٌ، - يَعْنِي ابْنَ شَدَّادٍ - حَدَّثَنَا يَحْيَى، حَدَّثَنِي بَابُ بْنُ عُمَيْرٍ، حَدَّثَنِي رَجُلٌ، مِنْ أَهْلِ الْمَدِينَةِ عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ لاَ تُتْبَعُ الْجَنَازَةُ بِصَوْتٍ وَلاَ نَارٍ ‏"‏ ‏.‏ زَادَ هَارُونُ ‏"‏ وَلاَ يُمْشَى بَيْنَ يَدَيْهَا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah: The Prophet (said) said: A bier should not be followed by a loud voice (of wailing) or fire. Abu Dawud said: Harun (one of the narrators) added: "And it should not be preceded (with those) either
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।