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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3154

नंबर 3154किताब 21, नंबर 66
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ الْمُحَارِبِيُّ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ هَاشِمٍ أَبُو مَالِكٍ الْجَنْبِيُّ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ، عَنْ عَامِرٍ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ لاَ تَغَالِ لِي فِي كَفَنٍ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تَغَالَوْا فِي الْكَفَنِ فَإِنَّهُ يُسْلَبُهُ سَلْبًا سَرِيعًا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Ali ibn AbuTalib: Do not be extravagant in shrouding, for I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: Do not be extravagant in shrouding, for it will be quickly decayed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।