सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3146

नंबर 3146किताब 21, नंबर 58
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ أُمِّ عَطِيَّةَ، بِمَعْنَى حَدِيثِ مَالِكٍ زَادَ فِي حَدِيثِ حَفْصَةَ عَنْ أُمِّ عَطِيَّةَ بِنَحْوِ هَذَا وَزَادَتْ فِيهِ ‏ "‏ أَوْ سَبْعًا أَوْ أَكْثَرَ مِنْ ذَلِكَ إِنْ رَأَيْتُنَّهُ ‏"‏ ‏.‏
The above mentioned tradition has also been transmitted by Umm 'Atiyyah through a different chain of narrators. This version has:(Wash her) seven times or more if you think fit
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (1253) Sahih Muslim (939)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।