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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3116

नंबर 3116किताब 21, नंबर 28
حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ عَبْدِ الْوَاحِدِ الْمِسْمَعِيُّ، حَدَّثَنَا الضَّحَّاكُ بْنُ مَخْلَدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنِي صَالِحُ بْنُ أَبِي عَرِيبٍ، عَنْ كَثِيرِ بْنِ مُرَّةَ، عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ كَانَ آخِرُ كَلاَمِهِ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ دَخَلَ الْجَنَّةَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Mu’adh bin Jabal :The Messenger of Allah (ﷺ) as saying: If anyone's last words are "There is no god but Allah" he will enter Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।